प्लास्टिक कचरा फैलाने में छठे नंबर पर राजधानी


प्लास्टिक कचरा फैलाने में दिल्ली छठे नंबर पर है। दिल्ली से भी आगे उत्तर प्रदेश का नंबर पांचवां है। महाराष्ट्र पहले , गुजरात दूसरे जबकि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु संयुक्त रूप से तीसरे नंबर पर हैं। विडंबना यह कि प्लास्टिक कचरा जहां साल दर साल बढ़ रहा है और मानव जीवन में अभिन्न हिस्से के रूप में शामिल होकर स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है वहीं देश में इस पर नियंत्रण के लिए अभी तक भी कोई कारगर व्यवस्था नहीं की गई है।
बुधवार को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ' माइक्रोप्लास्टिक पॉल्यूशन : ए ग्लोबल थेट ' विषय पर शुरू हुई दो दिवसीय कार्यशाला में ' सिंगल यूज प्लास्टिक : द लास्ट स्ट्रॉ ' रिपोर्ट जारी की। पर्यावरण के क्षेत्र में काम कर रही गैर सरकारी संस्था टॉक्सिक लिंक द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट देश में तेजी से बढ़ रहे प्लास्टिक प्रदूषण की पड़ताल करती है। रिपोर्ट में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के हवाले से बताया है कि देश में हर साल 3 .6 मिलियन टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न हो रहा है। मतलब 9 , 206 टन प्लास्टिक कचरा हर रोज।


कैंसर का कारक बन रहे माइक्रोप्लास्टिक के कण
रोजमर्रा की ज्यादातर चीजों में मौजूद माइक्रोप्लास्टिक के कण धीरे - धीरे न केवल हमारे शरीर में पहुंच रहे हैं बल्कि फेफड़ों और आंतों को हानि पहुंचाने के साथ - साथ कैंसर तक का कारक बन रहे हैं ।दरअसल , यह कण त्वचा से चिपक जाते हैं। घंटों चिपके रहने के कारण इससे त्वचा में एलर्जी भी होती है। आंखों में चला जाए तो कॉर्निया को नुकसान पहुंचने का भय रहता है।जब गाड़ी चलती है तो टायरों की रगड़ से भी माइक्रोप्लास्टिक के कण पैदा होते हैं। यह कण हवा में मिल सांस के जरिये शरीर में पहुंचते हैं।

अब भारत में भी मिलेगा स्वच्छ पेट्रोल डीजल जिससे पोल्यूशन होगा कम

कचरे को नियंत्रित करने की नहीं व्यवस्था

बुधवार को जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक भारत में प्लास्टिक कचरे को नियंत्रित करने की तो कोई पुख्ता व्यवस्था है ही नहीं , इसे रिसाइकिल करने की प्रक्रिया भी रामभरोसे चल रही है ।रिसाइकिलिंग यूनिटों की कोई निगरानी नहीं होती ।हालांकि रिसाइकिलिंग से अलग कहीं - कहीं प्लास्टिक कचरे का उपयोग सीमेंट , स्टील उत्पादन , ऊर्जा उत्पादन संयंत्रों के प्राथमिक ईंधन और सड़क बनाने में भी हो रहा है , लेकिन इसका प्रभाव दीर्घावधि में ही सामने आ पाएगा ।

Post a Comment

Previous Post Next Post