अब भारत में भी मिलेगा स्वच्छ पेट्रोल डीजल जिससे पोल्यूशन होगा कम

अब भारत में भी मिलेगा स्वच्छ पेट्रोल डीजल जिससे पोल्यूशन होगा कम

स्वच्छ पट्रोल - डीजल के उपयोग को भारत तैयार

भारत ने दुनिया के सबस स्वच्छ पेट्रोल - डीजल के उपयोग की पूरी तैयारी कर ली है आगामी अप्रैल से पूरे देश में भारत स्टेज - छह ( बीएस - 6 ) मानकों वाला पेटोल - डीजल व्यापक तौर पर बिकना शुरू हो जाएगा। पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी सुधार के क्षेत्र में यह देश की लंबी छलांग है।इसके बाद भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों शामिल हो जाएगा जो इस दर्जे का स्वच्छ ईंधन इस्तेमाल कर रहे हैं।बीएस - 6 कार्बन स्तर वाला मानक यरोपीय देशों में इस्तेमाल किए जाने वाले यरो - श्रेणी का है।

तकनीकी क्षेत्र में इसे बड़ा सुधार इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि बीएस - 4 से सीधा बीएस - 6 मानकों का रुख किया गया है। बीएस - 6 पेट्रोल - डीजल में सल्फर का हिस्सा पहले से पांच गुना कम होगा। इसका मतलब यह हुआ कि बीएस - 4 के तहत जो वाहन प्रति किलोग्राम पर 50 मिलीग्राम सल्फर का उत्सर्जन करते थे वह सिर्फ 10 मिलीग्राम सल्फर का उत्सर्जन ही करेंगे।

सरकारी ऑयल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ( आइओसी ) के चेयरमैन संजीव सिंह ने बताया कि कंपनी की लगभग सभी रिफाइनरी में बीएस - 6 मानक वाले पेट्रोल - डीजल का उत्पादन पिछले वर्ष के आखिर से शुरू कर दिया गया है। आइओसी घरेलू स्तर पर इस्तेमाल होने वाले कुल पेट्रोल - डीजल में आधी हिस्सेदारी रखती है। सिंह ने बताया कि ऑयल कंपनियां नए मानकों के तहत पेट्रोल - डीजल की आपूर्ति के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

देश वर्ष 2010 में बीएस - 3 कार्बन उत्सर्जन वाले मानक को अपनाया गया था। इसमें सल्फर की मात्रा 350 पार्ट प्रति मिलियन ( पीपीएम ) थी। इसके बाद हमें बीएस - पर जाने में सात वर्ष लग गया। इस मानक के पेट्रोल - डीजल में सल्फर का स्तर 50 पीपीएम था उल्लेखनीय बात यह है कि बीएस - से बीएस - 6 तक का सफर सिर्फ तीन वर्ष में तय कर लिया गया।

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